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तन्हाई वाबस्ता है मुद्दतों से हमसे।

                
                                                         
                            हम , छोड़कर मयखाने कहां जायें।
                                                                 
                            
बता दे , मय के दीवाने कहां जायें।।

तन्हाई वाबस्ता है मुद्दतों से हमसे।
अब जुदा होके वीराने कहां जायें।।

जिन्हें अपना बना छोड़ दिया तूने।
जो ऐसे बने,वो बेगाने कहां जायें।।
-यूनुस खान
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48 मिनट पहले

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