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हिज़्र-ओ-वस्ल के सिलसिले चलेंगे कब तक

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हिज़्र-ओ-वस्ल के सिलसिले चलेंगे कब तक।
        
                                                    
                            
बता,यूं ही हम ये अपने हाथ मलेंगे कब तक।।

एक मुद्दत हो गयी है हमें उम्मीद करते-करते।
ये उम्मीदों के चिराग , यूं ही जलेंगे कब तक।।
-यूनुस खान
2 महीने पहले
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