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आंगन अब सहरा हुआ जाता है।।

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जख़्म, और गहरा हुआ जाता है।
        
                                                    
                            
दवाओं पर, पहरा हुआ जाता है।।

ऐ अब्र , मेरे आंगन भी तो बरस।
आंगन अब सहरा हुआ जाता है।।
-यूनुस खान
एक महीने पहले
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