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छोड़कर

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सबको छोड़कर , हम तेरे पास आ गये।
        
                                                    
                            
हर तरह के मौसम,हमको रास आ गये।।

बज्म-ए-तरब अब , अच्छी नही लगती।
तेरी महफिल से, होकर उदास आ गये।।
-यूनुस खान
2 वर्ष पहले
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