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आज फिर

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज फिर से दवाओं की याद आयी।
        
                                                    
                            
मुझे ख़ामोश सदाओं की याद आयी।।

मेरी नादानी समझकर जो माफ की।
मुझको उन खताओं की याद आयी।।
-यूनुस खान
एक दिन पहले
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