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डायरी के पन्ने

yash kushwaha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नए-पुराने विचार आते हैं मन में,
        
                                                    
                            
पर लिख एक न पाता हूँ।
जब मन बहुत बेचैन होता है,
तब दुनिया से मिल आता हूँ।

लोगों के दुख-दर्द,
दुनिया के तमाशे,
थोड़ा-थोड़ा
अपने साथ ले आता हूँ।

नर्म दिल का हूँ,
बस इतने में भर आता हूँ।

नए किस्सों से
नए विचार मिल जाते हैं।
जिन्हें मैं
तारीख़ के साथ लिखता हूँ।

मेरी डायरी खोलोगे,
तुम्हें हर वह तारीख़ मिलेगी।

"तेरे उदास होने पर
मैं उदास हो जाता हूँ,
तेरे रोने पर
मैं भी जी भर रोता हूँ।"
3 महीने पहले
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