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सबको चाय पिलाते हैं...

Yadav Mahi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक महफिल सजाते हैं,
        
                                                    
                            
बिछड़े यारों को बुलाते हैं,
प्यार से रहना सिखाते हैं,
इस इतवार बस एक काम होगा,
सबको चाय पिलाते हैं!!
हम और वहम को मिटाते हैं,
गुजरें गम को भुलाते हैं,
खुद को बेवजह क्यूँ रुलाते हैं,
इस इतवार बस एक काम होगा,
सबको चाय पिलाते हैं!!
~माही
2 महीने पहले
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