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अपनो का साथ

Voice N

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो शून्य लगे, वही पूर्णता बन जाए,
        
                                                    
                            
जब अपनों का साया साथ निभा जाए।

तरक्की तभी सुहाती है, जब रिश्ते भी महकते हों,
वरना ऊँचाइयों पे पहुँचकर भी मन तन्हा रह जाए।

मजबूरियाँ नहीं, सहारे चाहिए सफ़र में,
जो थाम लें हाथ—तो रास्ते आसान बन जाए।

अपनों संग बँटी खुशी ही सच्ची दौलत है,
वरना शोहरत भी पलभर में धुंधली हो जाए।

बढ़ते रहिए, मगर साथ अपनों को भी चलाइए,
यही जीवन का सच्चा सौंदर्य कहलाए।
-नीरू जैन
5 महीने पहले
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