विज्ञापन

और नहीं मिलेगी बुज़ुर्गों को उनके अकेलेपन से निजात...।

Vishal Vishwakarma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इस दिवाली सबको सब कुछ मिल ही जाएगा...
        
                                                    
                            
कर्मचारियों को बोनस और उपहार,
बाज़ारों को भीड़ की रौनक,
दुकानदारों को उनके ग्राहक,
बच्चों को पटाखे और फुलझड़ियाँ।
पर शायद नहीं मिलेगा किसानों को उनकी फसल का भुगतान,
नहीं मिलेगी बेरोज़गार युवाओं को नौकरियों की भरमार,
और नहीं मिलेगी बुज़ुर्गों को उनके अकेलेपन से निजात...।
21 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile