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मासूम मुखड़ा , जादुई मुस्कान

Vishal Verma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह मयंक सा मुखड़ा कितना प्यारा लगता है, यह विषाद से भरे बादलों में सुधा सा लगता है।
        
                                                    
                            
पूरी दुनिया कुर्बान है तेरे इस नन्हे से चेहरे पर, जब-जब देखता हूँ, राधा और कृष्ण की छवि दिखती है इस आनन पर।
सूखी बगिया को चमन कर दे तेरी एक मुस्कान, मरते हुए को भी ज़िंदा कर दे तेरी यह मुस्कान।
ब्रह्मा भी नतमस्तक हैं तेरी इस मुस्कान पर, मैं और कितना लिखूँ, जितना लिखूँ उतना ही कम है तेरी इस
-विशाल वर्मा
एक महीने पहले
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