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ख़ामोश जुबान

Vinita Tirpude

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर लफ़्ज़ पर नाम तेरा है,
        
                                                    
                            
ख़्वाहिशें बहुत हैं पर उन ख़्वाहिशों में मुकम्मल सा कुछ भी नहीं।

इंतज़ार तेरा है
पर आहट तेरी नहीं, बेशक़ प्यार भी है उसे मुझसे पर ऐतबार उसे मुझ पर नहीं।

बहुत ख़ामोश रहने लगा है आजकल वो, पर क़सूरवार वो नहीं..

 
8 घंटे पहले
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Ankit Kumar

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