विज्ञापन

वो प्यार क्या लौटाएगा

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो ख़ुद न हो सका मेरा, वो प्यार क्या लौटाएगा,
        
                                                    
                            
जो थाम चुका है किसी और का हाथ, वो इकरार क्या लौटाएगा।

जिसे रास आ गई है किसी और की महफ़िल,
वो मेरे हिस्से का अब इंतज़ार क्या लौटाएगा।

मैंने तो उसके नाम पे हर ख़ुशी लुटा दी,
वो मेरी आँखों का खोया करार क्या लौटाएगा।

जिसे मेरी वफ़ाओं की कभी क़दर ही न थी,
वो मेरे दिल का बीता खुमार क्या लौटाएगा।

वो छोड़कर गया है मुझे राह के बीच में,
वो मेरी ज़िंदगी का फिर बहार क्या लौटाएगा।

विक्की, जो बदल चुका है मौसम की तरह अब,
वो बीते हुए लम्हों का प्यार क्या लौटाएगा।
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile