विज्ञापन

शान-ए-तिरंगा: तिरंगा हमारी शान, तिरंगा हमारी जान

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब-जब देश पर कोई खतरा मंडराता है,
        
                                                    
                            
तब हर वीर के हाथ में तिरंगा लहराता है।
गोलियों की गूँज सुनाई देती है,
बॉर्डर के उस पार तक,
दुश्मन का दिल डर से दहल जाता है।
हमारे जवान जब बंदूकें तानते हैं,
दुश्मन अपने अंजाम को पहचानता है।
ये भारत है साहब, यहाँ वीर सोते नहीं,
माँ भारती पर आँच आए तो रोते नहीं।
सीने पर गोली खाकर भी मुस्कुराते हैं,
तिरंगे झुकते नहीं—लहराते हैं!
सरहद हमारी है, ये ऐलान याद रखना,
हिंद के जवानों का तूफ़ान याद रखना।
जो वतन की तरफ बुरी नज़र उठाएगा,
वो लौटेगा नहीं—इतिहास बन जाएगा!
जय हिंद! जय भारत!

 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all