जब-जब देश पर कोई खतरा मंडराता है,
तब हर वीर के हाथ में तिरंगा लहराता है।
गोलियों की गूँज सुनाई देती है,
बॉर्डर के उस पार तक,
दुश्मन का दिल डर से दहल जाता है।
हमारे जवान जब बंदूकें तानते हैं,
दुश्मन अपने अंजाम को पहचानता है।
ये भारत है साहब, यहाँ वीर सोते नहीं,
माँ भारती पर आँच आए तो रोते नहीं।
सीने पर गोली खाकर भी मुस्कुराते हैं,
तिरंगे झुकते नहीं—लहराते हैं!
सरहद हमारी है, ये ऐलान याद रखना,
हिंद के जवानों का तूफ़ान याद रखना।
जो वतन की तरफ बुरी नज़र उठाएगा,
वो लौटेगा नहीं—इतिहास बन जाएगा!
जय हिंद! जय भारत!
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X