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प्यार की आह, टूटा स्टियरिंग

Vikash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इश्क़ को ठुकराकर मेरे;
        
                                                    
                            
जब वो कार में अपनी बैठी,
स्टियरिंग कार का टूट गया,
कार को भी उनकी, मेरे प्यार को ठुकराना नागवार गुज़रा।

वो समझी शायद ये महज़ इत्तेफ़ाक़ था,
मगर मुझे तो इसमें भी इश्क़ का हिसाब दिखा।
जिस दिल को तोड़ा था उसने बेपरवाही से,
आज उसी का असर हर तरफ़ दिखाई दिया।

वो कार को लेकर फिर गैराज जा पहुँची,
मैंने कहा—“मोहब्बत भी वहीं छोड़ आतीं!”
मैकेनिक ने भी देखकर बस इतना कहा,
“मैडम, लगता है दिल से ज्यादा ज़ोर स्टियरिंग पर पड़ा है!”

वो हँसी, मगर मेरी बात समझ न पाई,
मैंने कहा—“इश्क़ को ठुकराना इतना आसान नहीं…”
जिसे तुमने मामूली समझकर ठुकरा दिया,
कभी-कभी उसकी आह भी स्टियरिंग तोड़ जाती है। 
22 घंटे पहले
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