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निर्ममता से ठगा ममता को

vijaya Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            निर्ममता से ठगा ममता को,
        
                                                    
                            
दशकों पूर्व गाय हत्या पर उठाता नहीं कोई सवाल,
गाय प्यार लुटाती दूध देती,
गौ पालन अच्छा रोजगार,
रहती नहीं गरीबी,
जब तक दूध देती कहलाती मां ,
खल चारा खिलाते,
दूध देना बंद कर देती,
बेच देते कसाई को,
हिंदू भी मूक मांस की दुकान के,
आगे थूकते,
मुंह फेर कर चल देते,
निर्ममता से ठगा ममता को,
बछड़ा पैदा हुआ,
बोझ लगता,
मार देते ,
खाल में भुस भरकर,
गाय के सामने खड़ा कर देते,
गाय चाटती दूध देती,
निर्ममता से ठगा ममता को,
हाथ में महंगे महंगे पर्स लेकर घूमते,
जूते चप्पल महंगे महंगे
जैकेट गर्म आरामदलक
प्यार से देते मां को मदर डे पर,
कितना दर्दनाक उपहार
एक बछड़े को पीटते,पीटते ,
प्राण निकल जाए
खाल नर्म पड़,
फिर बनते आराम दायक उपहार
निर्ममता से ठगा ममता को
आज योगी जी ने सुधि ली गौ माता की,
गौ हत्या की आशंका पर भी,
पीट पीट कर मार डालते,
आज गाय को डंडा मारने वाले,
घटते जा रहे
चारा डालने वाले बढ़ते जा रहे।
मुसलमान इस्लाम के नाम पर एक,
हिंदू गाय के नाम पर एक....
2 वर्ष पहले
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