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खुश करना बंद करो,खुश रहना शुरू करो

vijaya Gupta

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                            खुश रहना है,
        
                                                    
                            
खुश करना छोड़ो,
खुश रखते रखते जीवन बीता,
कोई खुश ना होए,
नुक्ता चीनी निकालें,
शिकायतें करें ,
शिकायतें दूर करते करते,
कब हाथ की कठपुतली बन जाएं,
तन मन धन से आहत,
तनाव ही तनाव,
खुश रहना है,
काम करो,व्यस्त रहो,
जहां भी रहो,
काम से जड़ें होती मजबूत,
निखरता,आत्मविश्वास बढ़ता,
इंसानों को खुश करना छोड़ो,
सेंटक्लौज बनना बंद करो,
देने से इंसान भिखारी बन जाता,
बाजार जाने के स्थान पर,
घरों से मांगता रहता,
संकोच में ना मांगे,
एक की आदत,
एक का जी का जंजाल बन जाए,
खुश करना बंद करो,
खुश रहना शुरू करो।
2 घंटे पहले
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Chandra prakash

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