जीवन में है सारे रिश्ते-नातो का प्यार
पर उन सबसे ऊपर है मेरे पापा का प्यार
देख रही हूँ इस दुनियाँ में स्वार्थ भरे हैं रिश्ते सारे
एकदम सच्चा निस्वार्थ है मेरे पापा का प्यार
सुख में बदल जाते हैं मेरे जीवन के सारे दुख
जब मिलता है मुझको सागर से ज्यादा पापा का प्यार
भूल सकती हूँ एक दिन मैं दुनियाँ सारी
पर भूल न पाऊँगी कभी मैं अपने पापा का प्यार।
-विभा तिवारी