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ख्वाब भी नहीं देखते सोते हुए

Ved prabhav Vidua

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ख्वाब भी नहीं देखते सोते हुए
        
                                                    
                            
तन्हा हैं गमों के होते हुए

उनकी तस्वीर से करते हैं बातें
कमरे में आइने के होते हुए

होनी को अर्जुन भी न रोक पाए
हाथ में गांडीव के होते हुए

एक आदमी प्यास से मर रहा है
सामने समुंदर के होते हुए
-वेद प्रभाव विदुआ
3 महीने पहले
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