विज्ञापन

माँ की ममता

Vandana Agrawal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मधु मुस्कान से रीझती मईया
        
                                                    
                            
केवल लल्ला को निहारती अखियाँ।
सर्वोपरि जग में माँ की ममता
जिनके आंचल को तरसे देवता।
- वंदना अग्रवाल निराली
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamal jha

90 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10985 कविताएं

View Profile