माँ दुर्गा के नाव लीं ,करीं कार आरंभ।
सफल मनोरथ सिद्ध हो,होय गरीबी अंत।।
दुर्गति दूर करे सकल,नाश करे सब पाप।
माई दुर्गा नाव से,कटे जगत अपराध।।
काली दुर्गा नाव इक,जपत रही दिन रैन।
इक दिन दर्शन करि इहे, तोहर सुन्दर नैन।।
मांईं के आशीष से ,चले जगत के नाव।
नव दिन की नवरात्रि, दूर करे सब घाव।।
जय जय दुर्गा माइ के,करीं जोड़ जयकार।
होइ बेग में जगत से,सकल दूर अन्हार।।