आ जाना मेरी कब्र पर,
मेरा आफ़ताब बाकी है;
गुलदस्तों से सजा होगा श्मशान,
पर तेरे हाथों का गुलाब बाकी है।
रख देना प्यार से
फूल मेरी लाश पे सिसकते,
देख लाशें भी मेरी कब्र को कहें—
काश हम इस तरह महकते।