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इंसा परेशाँ नहीं अपने दुख से!

V K Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            राहत मिलता है
        
                                                    
                            
जब वो साथ होते हैं।

सुकूँ मिलता है
जब वो पास होते हैं।

अजनबी नहीं हैं
ये वो भी समझते हैं।

फ़िर भी ग़ैरों कि बातों में
बहक जाते हैं।

ग़ैरों को सुकून मिलता है
जब हम आपस में उलझ जाते हैं।

ना चाहते हैं वो भला किसी का
वो कहते हैं न....

इंसा परेशाँ नहीं अपने दुख से
वो दूसरों के सुख से परेशाँ हो जाता हैं।
 
एक वर्ष पहले
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