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दाग़-ए-ख़ामोशी

Uwais Rashid

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द-ए-महफ़िलों से क्या पूछना कि दाग़ किसकी बयानी है,
        
                                                    
                            
दाग़दारों से पूछो तो ये अल्फ़ाज़ नहीं, ख़ामोश ज़ुबानी है।
4 घंटे पहले
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