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तू मनहूस!

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दुनिया में आयी तो
        
                                                    
                            
लड़की बनके आयी
पैदा होते ही
माँ को खा गई
तू मनहूस!

ज़रा बड़ी क्या हुई
तेरी वजह से
बाप की नौकरी छूट गई
तू मनहूस!

जैसे तैसे ब्याह दिया
मत पूछो कैसे भिड़ा दिया
पति पीता था दिन रात
सब तेरी वजह से
रोज़ पीटता था तुझे
सब तेरी वजह से
कितने दिन जीता बिचारा
खा गई उसको भी तू
तू मनहूस!

फिर ला पटका उन्होंने
तुझे हमारी चौखट
कर दिया तूने
जीवन हमारा चौपट
अरे धरती की बोझ!
कैसे संभालेंगे तुझे अब रोज
और उससे बड़ा रोग
क्या कहेंगे लोग
कुछ होता भी तो
नहीं तुझको
तू मनहूस!

सुना है नदी किनारे
रहती है तेरी जैसी
और भी मनहूस
जो
किसी का रास्ता नहीं काटती

जा तू भी वहीं जाकर
अपने कुनबे में जाकर मर
अच्छी तो खैर क्या होगी
बुरी भी मत देना खबर
तू मनहूस!

और फिर दुबारा
गलती से जो पैदा हो गई
तो लड़की मत बनना
अभी हम तैयार नहीं है
स्वीकार करने को
देवी, लक्ष्मी, माता को
या शायद इस लायक ही नहीं हैं
हम मनहूस!
2 महीने पहले
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