विज्ञापन

सुकून

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कितना अजीब है ना कुछ देर पहले
        
                                                    
                            
न बाहर सूकुन था ना ही भीतर
अब जैसे मानो सब कुछ थम सा गया
एक शात समुद्र की भातिर
ना कोई सवाल ना कोई जवाब
इस भाग दौड जिंदगी मे अक्सर भूल जाते है
उसे बाहर भीतर ढूंढने की कोशिश करते है
और उसे पाते है खुद के साथ मौन एकांत मे
कुछ देर के लिए सही वो हमे
एक लम्बा गहरा अहसास दे जाता है और यह जान
पाते है खुद के साथ अकेला बैठना कुछ पल के सही
उसमे थोड़ा सूकून था
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all