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आंखों से अश्क टूटकर दिल कहा जुड़ते हे

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आंखों से अश्क टूटकर दिल कहा जुड़ते हे।
        
                                                    
                            
पतझड़ में बहारें शोलो में फूल कहा खिलते हे।
बे वफ़ा से वफ़ा की उम्मीद क्यूं करते हो यारो
बेवफा में वफ़ा ओर पत्थरों में दिल कहा मिलते हे
-मुकेश माथुर
 
3 महीने पहले
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