हर पीढ़ी का अपना समय, अनुभव और सोच होती है।
बड़ों ने संघर्षों से जीवन सीखा है, तो नई पीढ़ी ने तकनीक और बदलती दुनिया से बहुत कुछ पाया है।
मतभेद स्वाभाविक हैं, पर संवाद और सम्मान से पीढ़ियों के बीच की दूरी कम की जा सकती है।
जब अनुभव और नई सोच साथ चलते हैं, तभी परिवार और समाज बेहतर बनते हैं।
-संजय श्रीवास्तव