आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

पीढ़ी अंतर की समझ

                
                                                         
                            हर पीढ़ी का अपना समय, अनुभव और सोच होती है।
                                                                 
                            
बड़ों ने संघर्षों से जीवन सीखा है, तो नई पीढ़ी ने तकनीक और बदलती दुनिया से बहुत कुछ पाया है।
मतभेद स्वाभाविक हैं, पर संवाद और सम्मान से पीढ़ियों के बीच की दूरी कम की जा सकती है।
जब अनुभव और नई सोच साथ चलते हैं, तभी परिवार और समाज बेहतर बनते हैं।
-संजय श्रीवास्तव
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
37 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर