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मेरे अल्फाज़

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं शाही दरबारों का कोई फ़रमान नहीं लिखता,
        
                                                    
                            
मैं प्रेमी-प्रेमिकाओं का भी अरमान नहीं लिखता।
झुका सको तो झुका लो मेरी इस बुलंद आवाज़ को,
मैं मर जाऊँगा लेकिन किसी के आगे झुकना नहीं लिखता!
 
3 घंटे पहले
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