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मैं जैसा हूँ

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं जैसा हूँ
        
                                                    
                            

शांत हूँ,
मौन हूँ,
पर बेज़ुबान नहीं हूँ।

सरल हूँ,
सहज हूँ,
पर अनजान नहीं हूँ।

कोमल हूँ,
भावुक हूँ,
पर कमज़ोर नहीं हूँ।

झुका हूँ,
रुका हूँ,
पर हार मानता नहीं हूँ।

घायल हूँ,
बिखरा हूँ,
पर समाप्त नहीं हूँ।

अकेला हूँ,
ख़ामोश हूँ,
पर बेबस नहीं हूँ।

सहता हूँ,
चुप रहता हूँ,
पर सब भूलता नहीं हूँ।

गिरता हूँ,
टूटता हूँ,
पर वहीं ठहरता नहीं हूँ।

राख हूँ,
शांत हूँ,
पर भीतर अंगार हूँ।

अधूरा दिखूँ,
अनकहा रहूँ,
पर अर्थहीन नहीं हूँ।

एक नाम हूँ,
एक चेहरा हूँ,
पर इतनी-सी पहचान नहीं हूँ।

सीमित हूँ,
संकुचित हूँ,
पर पूरा संसार हूँ।
-संतोष कुमार शर्मा
एक महीने पहले
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