हद तो देखो इस बेरहमी की
मर्यादा भी तार हुई,
ये कैसी सरकार हुई!
जीते जी तो लूटा था,
मरने पर कफ़न पर भी टैक्स दार हुई,
ये कैसी सरकार हुई!
दिन-रात कमाओ मिलकर भी,
फिर भी महंगाई की हद पार हुई,
ये कैसी सरकार हुई!
बहन-बेटियां नहीं सुरक्षित,
मानवता भी संसार हुई,
ये कैसी सरकार हुई!
-आशुतोष तिवारी