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आजादी की बेड़ियां

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नहीं हैं ये कोई फ्री की रेवड़ियां।
        
                                                    
                            
वीरों ने पहन रखी थी, बेड़ियां।।
अब भी खौल उठती हैं नाड़ियां।
याद कर वो आजादी की बेड़ियां।।
-रमन सिंह गोठवाल जी

 
एक महीने पहले
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