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अल्फाज. अपने

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिखावे की महफ़िल में सादगी का अक्स ढूँढता हूँ,
        
                                                    
                            
इस मतलबी भीड़ में कोई अपना शख़्स ढूँढता हूँ।
बातों में चालाकी न हो, बस भाव में अपनापन हो,
मैं इस बदलते दौर में वो सच्ची ज़िंदगी ढूँढता हूँ।"
 
एक घंटा पहले
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