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याद रखा मैंने

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दूर दूर रहकर भी याद रखा मैंने।
        
                                                    
                            
प्यार निभाने का तरीका सम्भाल रखा मैंने।।

तेरी तरह मुझे बात करना नही आता।
ग़ज़लों में लिख लिखकर सम्भाल रखा मैंने।।

किस्मत की लकीरें बना कर छोड़ गई।
जिस दिन मिली यादो को सम्भाल रखा मैंने।।

इल्ज़ाम लगाऊँ तो नींद से हाथ धो बैठूं।
विस्तर की सिलवटें 'उपदेश' सम्भाल रखा मैंने।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
3 महीने पहले
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