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तन्हा रहकर भी काम आयेंगे

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझे दूर करके खुद भी अंजाम पायेंगे।
        
                                                    
                            
लाज़मी है वो मुझ पर इल्ज़ाम लगायेंगे।।

मोहब्बत है ज़ालिम मगर करे क्या हम।
तन्हा रहकर भी उन्हीं के काम आयेंगे।।

किसी की चाल हो ऐसा हो नही सकता।
चर्चा आम करूँ तो पैंतरे तमाम आयेगे।।

उनके छोड़ देने के वज़ह की खबर नही।
बात ना करके हालचाल कैसे हम पायेंगे।।

दुश्मनों को रास आएगा उनका फैसला।
दो चार को छोड़कर दुश्मन कम पायेंगे।।

उनका फितूर मुबारक उन्हीं को 'उपदेश'।
फिर भी उनके जेहन में मेरा नाम पायेंगे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
5 घंटे पहले
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