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सौ खून माफ तुम्हारे

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सौ खून माफ तुम्हारे गुस्ताखी भी पसंद तुम्हारी।
        
                                                    
                            
अपनी जिन्दगी 'उपदेश' उनकी बेबाकी पर हारी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक घंटा पहले
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