विज्ञापन

सब कुछ हारा कुछ न जीता

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बचपन से अब तक उलझने
        
                                                    
                            
कई सीखो का नतीजा।
निभाते निभाते 'उपदेश'
सब कुछ हारा कुछ न जीता।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile