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हम टूटते टूटते बचे 'उपदेश' हौसला नही छोड़ा।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            नफरत करने वालों को 'उपदेश' यही खल रहा।
        
                                                    
                            
परेशानियों के बाद भी मेरा दीप कैसे जल रहा।।

किसी ने साथ नही दिया परेशानी के वक्त 'उपदेश'।
मगर एक दूसरे के साथ से मेरा सूरज नही ढल रहा।।

हम टूटते टूटते बचे 'उपदेश' हौसला नही छोड़ा।
जिद्द हमारी ही रही संयोगवश प्रेम सम्भाल रहा।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
3 घंटे पहले
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