विज्ञापन

मोहब्बत है अगर

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मोहब्बत है अगर तो भुलाई नही जाती।
        
                                                    
                            
ज़माना जानता मगर बताई नही जाती।।

सुकून संग में पाया मगर वक्त कम मिला।
उन लम्हों की कीमत चुकाई नही जाती।।

तन्हाई में बैठकर गढ लेते हैं तस्वीर तेरी।
नज़र खुद ही गड़ जाती गड़ाई नही जाती।।

उस घड़ी को याद कर जिन्दगी गुजारी है।
जिन्दगी की अदालत से मिटाई नही जाती।।

मोहब्बत करने वालों का तजुर्बा 'उपदेश'।
नाराज़गी आती ज़रूर जताई नही जाती।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Kumar

4253 कविताएं

View Profile

Diya Singla

31 कविताएं

View Profile

Herat Indori

3 कविताएं

View Profile