विज्ञापन

जिद्द करती छोटी बच्ची सी

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी मैं कभी वो मुझको राह दिखाती।
        
                                                    
                            
वह मेरी अच्छी बाते हर तरफ फैलाती।।

उसके गम में कभी-कभी आँसू बहाता मैं।
मेरे टूटने पर हौसला बढ़ाती नजर आती।।

जान भी ले अगर मैं गलत पहले की तरह।
गलती नज़रअंदाज करती वह नजर आती।।

वो समझने लगी उसकी दुनियादारी हूँ मैं।
उसमें मुझको अब सारी दुनिया नजर आती।।

वो देवी सबकी 'उपदेश' भगवान बनी मेरी।
जब जिद्द करती छोटी बच्ची सी नजर आती।।

मैं चाहता हर वक्त खिलखिलाती रहे वह।
बिगड़े हाल में आत्मसात करती नजर आती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
17 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12614 कविताएं

View Profile

Nathuram Kaswan

8654 कविताएं

View Profile

User

29 कविताएं

View Profile

Jeewan Singh

97 कविताएं

View Profile