चर्चा जोरों पर हवाओं ने रुख बदला।
गर्म माहौल में बस एक वही न बदला।।
किसकी सरपरस्ती में पल रहे हम सब।
पोल खुलने के बावजूद जादू न बदला।।
महंगाई का जनाज़ा उठाना है मुश्किल।
फिर भी उसने अपना रास्ता न बदला।।
आखिर जनाज़ा उठाकर मानेगा 'उपदेश'।
ज़ख्म देने के तरीके का आदत न बदला।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'