विज्ञापन

हवाओं ने रुख बदला

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चर्चा जोरों पर हवाओं ने रुख बदला।
        
                                                    
                            
गर्म माहौल में बस एक वही न बदला।।

किसकी सरपरस्ती में पल रहे हम सब।
पोल खुलने के बावजूद जादू न बदला।।

महंगाई का जनाज़ा उठाना है मुश्किल।
फिर भी उसने अपना रास्ता न बदला।।

आखिर जनाज़ा उठाकर मानेगा 'उपदेश'।
ज़ख्म देने के तरीके का आदत न बदला।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
12 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Nathuram Kaswan

8651 कविताएं

View Profile

SATYENDRA KUMAR

112 कविताएं

View Profile