विज्ञापन

दिलो-दिमाग से मोहब्बत

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब कोई इंसान आपके दिमाग में तैरता रहता।
        
                                                    
                            
वह भी तुम्हें अपने दिमाग से नही निकाल पाता।।

इस तरह की घटना कोई सहज घटना नही होती।
अच्छा लेगे या बुरा दोनों तरफ माजरा एक रहता।।

कभी-कभी ये जुड़ाव दिल का या अधूरी कहानी।
ऐसे को अन्तिम साँस तक भुलाना कठिन रहता।।

बेशक दिलो-दिमाग में जगह बना लेता 'उपदेश'।
लाख कोशिशों के बाद भी हटाना मुश्किल रहता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile