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उसकी आँखों की चमक ने ऐसा काम किया कि।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अलादीन के चिराग जैसा मेरा आशिक शायद।
        
                                                    
                            
चाहता है मुझको बेहद करीब से अधिक शायद।।

मेरी आँखों में समा कर मरीचिका सा बन गया।
मरूस्थल में प्यासा जरूर मेरे से अधिक शायद।।

कैसे करू मैं सब्र मन को समझाना नही आता।
दूर बरसने के हिसाब से है गिला अधिक शायद।।

उसकी आँखों की चमक ने ऐसा काम किया कि।
मैं 'उपदेश' की और वो मेरा प्रेमी अधिक शायद।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
10 घंटे पहले
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