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बदलते मौसम

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुझसे पूछो मत कैसे गुजारा करते।
        
                                                    
                            
जिन्दा ख्वाहिशों को ही मारा करते।।

उम्र के संग जिंदगी में बदलाव आते।
मेरी लाचारी पर लोग किनारा करते।।

लोगों की फितरत ही ऐसी दिखती।
बदलते मौसम में भी तिजारा करते।।

धन दौलत से अपने लगते बेगाने से।
मोहब्बत में नही हिम्मत हारा करते।।

आज नही कल अपनी मंजिल होगी।
'उपदेश' सब के भविष्य संवारा करते।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
2 महीने पहले
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