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अनचाहे दर्द कब तक तकलीफ़ बढ़ायेंगे।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अनचाहे दर्द कब तक तकलीफ़ बढ़ायेंगे।
        
                                                    
                            
बदलते हालात में मेरी ताकत ही बढ़ायेंगे।।

इम्तिहान के दौर से गुजरती रही जिन्दगी।
फरिश्ते के सूझबूझ से हम राह अपनायेंगे।।

जिन्दगी में हर चीज हमारी मर्जी से नही।
फैसले वक्त के परिणाम बदल कर आयेंगे।।

अँधेरी रात के बाद ही उजली सुबह आती।
किस्मत बदलेंगे 'उपदेश' झूठे नही जायेंगे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
13 घंटे पहले
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