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सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि

Umesh Prasad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारत की ओजस्वी नेत्री की
        
                                                    
                            
आज सांसें सिमट गई ।
उनके पार्थिव शरीर पर
देखो तिरंगा लिपट गई ।।

स्वर्गीय सुषमा जी को आज
कोटि कोटि नमन हमारा ।
कैसे भारत भूल सकेगा
लाखों उपकार तुम्हारा ।।

भारतवासी निःशब्द हुये
आँखें भी सबकी नम हुई ।
चीत्कार उठी भारत माता
मेरी भी छति क्या कम हुई ?

मेरे सामने जो लेटी
है मेरी ओजस्वी बेटी ।
फिर से कब कहाँ पाऊंगी
ऐसी वीरांगना बेटी ।।



- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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7 वर्ष पहले
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