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इंतजार कब तक करे

Tushar Sirra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन्नतों में तेरा जिक्र कब तक करे
        
                                                    
                            
उम्र गुजरने वाली है तू बता तेरी फिक्र कब तक करे

कोई बहाना मिल जाए जी भरके रोने का
यू बारिशों का इंतजार कब तक करे

अंधेरा हुआ नहीं कि हम तुझमें खो जाते है
हमारी फिक्र भला ये सवेरा कब तक करे

तुम्हारे बालों में अच्छे लगते है फूल मगर
हम भला इन बगीचों की रखवारी कब तक करे

उमर गुजर गई मगर उम्मीद जिंदा है
ये कब्र खोदने वाले भला मेरा इंतजार कब तक करे
3 महीने पहले
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