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दहन की पवित्रता

TULSI

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दहन की पवित्रता अपार होती हैं
        
                                                    
                            
इसमें सारी बुराईयों की आहूति दी जाती है
बरसों से ये प्रथा चली आयी
दशहरा पर्व पर सभी ने मिलकर रावण को आग लगाई
हर साल रावण का पुतला बनाया जाता है
रावण को शौक़ से ख़ुशी के साथ जलाया जाता हैं
लोगों ने परंपरा तो खूब निभाई
पर अपने भीतर जलने वाली ईर्ष्या को आग नहीं लगाई
न लालच की आहूति दी न क्रोध को त्यागा
ईश्वर की राह छोड़कर भोग विलास में जागा
अपने अंदर के रावण को कभी किसी ने नहीं मारा
सिर्फ़ एक पुतले को रावण समझकर जला डाला
कमाल है इस दुनिया की रीत भाई
अपने को तो समझ नहीं आई
खैर फ़िर भी आप सभी को
दशहरा पर्व की हार्दिक बधाई, हार्दिक बधाई।
3 घंटे पहले
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