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दहन की पवित्रता

                
                                                         
                            दहन की पवित्रता अपार होती हैं
                                                                 
                            
इसमें सारी बुराईयों की आहूति दी जाती है
बरसों से ये प्रथा चली आयी
दशहरा पर्व पर सभी ने मिलकर रावण को आग लगाई
हर साल रावण का पुतला बनाया जाता है
रावण को शौक़ से ख़ुशी के साथ जलाया जाता हैं
लोगों ने परंपरा तो खूब निभाई
पर अपने भीतर जलने वाली ईर्ष्या को आग नहीं लगाई
न लालच की आहूति दी न क्रोध को त्यागा
ईश्वर की राह छोड़कर भोग विलास में जागा
अपने अंदर के रावण को कभी किसी ने नहीं मारा
सिर्फ़ एक पुतले को रावण समझकर जला डाला
कमाल है इस दुनिया की रीत भाई
अपने को तो समझ नहीं आई
खैर फ़िर भी आप सभी को
दशहरा पर्व की हार्दिक बधाई, हार्दिक बधाई।
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एक घंटा पहले

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